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छाजन रोग के कारण और बचाव

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डॉ पी एस शर्मा,त्वचा रोग चिकित्सक

छाजन रोग एक त्वचा विकार है जो पूरे विश्व में लोगों को प्रभावित करता है. जब ये रोग किसी व्यक्ति को होता है तो इस स्थिति में आपके शरीर के किसी भी अंग की त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते हो जाते हैं. शिशुओं में यह काफी प्रचलित है. छाजन रोग कुछ मामलों में संक्रामक हो सकता है. छाजन रोग को आमतौर पर खुजली के लिए जाना जाता जाता है जिसमें कभी-कभी ब्लीडिंग होने लगती है और त्वचा को नुकसान पहुंचती है. कभी-कभी कुछ लोग छाजन रोग के उपचार में बहुत हद तक सफल होते हैं लेकिन कुछ लोगों को पूरी जीवन इसके साथ रहना पड़ता है. आइए इस लेख के माध्यम से हम छाजन रोग के विभिन्न लक्षणों को जानें ताकि इस विषय में जागरूकता फैल सके.

छाजन रोग के लक्षण-
छाजन रोग एक त्वचा विकार है जो लाखों लोगों को प्रभावित करता है. यह बड़े पैमाने पर शिशुओं और साथ ही बड़ों में भी देखा जाता है. इसमें आपकी त्वचा पर लाल और खुजलीदार पैच हो सकते हैं. यदि इन लक्षणों का ठीक नहीं किया जाए तो त्वचा, खुरदुरी और शुष्क हो सकती है. लंबी अवधि के छाजन रोग से प्रभावित त्वचा, बैक्टीरिया संक्रमण के लिए आमतौर पर अधिक संवेदनशील हो जाती है. लगातार खुजली से आपकी त्वचा पर खरोंच आ जाती है जिससे त्वचा की क्षति बढ़ जाती है. छाजन रोग हल्का या गंभीर हो सकता है. कभी-कभी किसी को भी पैच से मुक्ति मिल सकती है. लेकिन अधिकतर यह स्थिति आपके जीवनकाल के लिए आपकी साथ रह सकती है. उचित दवा और देखभाल के साथ, छाजन रोग के लक्षणों रोक कर रखना संभव है.

रोग के प्रकार के अनुसार छाजन रोग के लक्षण-
छाजन रोग के प्रकार प्रत्येक प्रकार के छाजन रोग का अपना खुद का लक्षण और ट्रिगर (किसी घटना का कारण बनना) होता है. छाजन रोग के लक्षणों को इसके विभिन्न प्रकारों के जरिए समझें –

एटोपिक डर्मेटाइटिस: – यह छाजन रोग का सबसे आम रूप है. यह आम तौर पर बचपन में शुरू होता है, और अक्सर हल्का हो जाता है या वयस्कता में दूर हो जाता है.
डिज़िद्रोटिक छाजन रोग: – डिज़िद्रोटिक छाजन रोग हाथों और पैरों पर छोटे फफोले बनाने का कारण बनता है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह अधिक आम है.
हाथ परछाजन रोग: – छाजन रोग जो केवल हाथों को प्रभावित करता है, उसे हाथ का छाजन रोग कहा जाता है. यह उन लोगों में होता है जो हेयरड्रेसिंग या सफाई जैसी नौकरी करते हैं, जहां वह लोग नियमित रूप से रसायनों का उपयोग करते हैं जो त्वचा को परेशान करते हैं.
न्यूरोडर्मेटाइटिस: – न्यूरोडर्मेटाइटिस एटोपिक डर्मेटाइटिस के समान है. यह मोटी, स्केल पैच बना देता है, जो त्वचा पर उभर जाता है.
न्यूमूलर छाजन रोग: – इस प्रकार का छाजन रोग सिक्के के आकार का स्पॉट त्वचा पर बना देता है. न्यूमूलर छाजन रोग अन्य प्रकार की छाजन रोग से बहुत भिन्न होता है, और इसमें बहुत खुजली होती है.
स्टैटिस डर्मेटाइटिस: – स्टैटिस डर्मेटाइटिस तब होती है, जब आपकी त्वचा में कमजोर नसों से तरल पदार्थ बहता है. यह तरल पदार्थ सूजन, त्वचा का लाल होना, खुजली और दर्द का कारण बनता है.
कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस: – यदि आपकी त्वचा लाल या उस पर खारिश है, जो आपके द्वारा छूने वाले पदार्थों की प्रतिक्रिया के कारण हुई है, तो आपको कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस हो सकता है. इसके दो प्रकार है –
1. एलर्जी कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस: – लैटेक्स या धातु जैसी उत्तेजक के प्रति प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया के कारण होता है.
2. उत्तेजक कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिसजब: – एक रासायनिक या अन्य पदार्थ त्वचा को परेशान करते हैं.

छाजन रोग के कारण-
छाजन रोग में अंग की त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते हो जाते हैं. छाजन रोग के पीछे सही कारण पूरी तरह से ज्ञात नहीं है. हालांकि, कुछ ऐसे ट्रिगर हैं जो हालत को शुरू या खराब करने के लिए जाने जाते हैं. छाजन रोग को पामा रोग या छाजन रोग के नाम से भी जाना जाता है. इसके होने के निम्नलिखित कारण हैं.

छाजन रोग के कारण हैं खाद्य पदार्थ
आनुवांशिक है छाजन रोग रोग
पामा रोग का कारण है एलर्जी
छाजन रोग होता है त्वचा की अनुचित देखभाल के कारण
छाजन रोग का कारण बनता है तनाव

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