भाइयों बहिनों और बेटियों श्री साई नाथ की कृपा से अबतक मुझे लगभग 500 कन्याओं के आसपास विवाह कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है इसके साथ ही मैं स्वयं दो बेटियों का पिता हूँ मैं अपना अनुभव आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ कभी कभी कुछ सामाजिक घटनाएं हम सबको हिला कर रख देती हैं जिन कन्याओं के विवाह अबतक हमने करबाए हैं उनमें लगभग 15 से 20 ऐसी कन्याओं के विवाह हमने करबाए हैं जो अंतर जातिए तथा माता पिता के न चहाते हुए भी बच्चों के आगे मजबूर होकर उनके माता-पिता ने विवाह करबा दिए जिन बच्चों के आगे माता पिता को मजबूर होना पड़ा उनमें से ज्यादातर कन्याओं का तलाक हो चुका है तो उनमें जिनका तलाक नहीं हुआ है बह अकसर लड लड आ जाते हैं उनमें से किसी को प्यार से तो किसी को धमका कर समझा बुझा कर घर बापस भेज देते हैं बस यही बजह कि बह अभी तक सही सलामत है। इसका मुख्य कारण है कि माता पिता ने जिन बेटे बेटियों को बड़े लाड प्यार से पालन-पोषण किया और उनके विवाह को लेकर बड़े बड़े सपने संजोये लेकिन उन बच्चों ने अपने माता-पिता के सपनों पर पानी फेर कर स्वयं प्रेम विवाह कर लिया ।
एक घटना तो अभी बहुत जल्दी की है जो विवाह पांच छः वर्ष पूर्व हो चुका है बिबाद तो कई बार हुआ एक बार पुलिस को कानूनी कार्यवाही के लिए प्रार्थना पत्र दिए जा चुके थे तो हमने समझौता करबा दिया था लेकिन अभी पंद्रह बीस दिन पहले दोनों हमारे पास आ गए और एक दूसरे से अलग रहने के लिए कह रहे थे हद तो तब हो गई जब तलाक के पेपर दाखिल करने के लिए आने के लिए एक हफ्ते बाद आने को कह रहे थे लेकिन एक हफ्ते के लिए उस लड़की को मायके और ससुराल बाले कोई भी रखने को तैयार नहीं हो रहे थे हमारे बहुत समझाने पर लड़की के भाई ने सिर्फ दो चार दिन अपने घर रखने की सर्त पर लेकर गया था
भाइयों मैं सभी बेटियों से करबध्य अनुरोध करता हूँ कि जिन माता पिता ने आपको जन्म दिया है पालन-पोषण किया पढ़ाया लिखाया बह आपका विवाह भी निश्चित ही अच्छी जगह करेंगे आप अपने माता-पिता का दिल कभी मत दुखाना अगर आप अपने माता-पिता का दिल दुखाओगी तो आप कभी खुश नहीं रह पाओगी यह यह मेरा अनुभव है । क्योंकि बेटियां हमेशा पिता की लडली होती है तो बेटा हमेशा मां का लाडला होता है तो क्या कोई पिता अपनी लाडली बेटी को दुखी देखना चाहेगा कभी नहीं बह हर संभव प्रयास करेगा कि मेरी बेटी को अच्छे से अच्छा घर-बर मिले ।
इसके साथ ही हर ब्यक्ति से आग्रह करना चाहता हूँ कि हर किसी के मां बहन बेटियां हैं बह चाहे सामाजिक ब्यक्ति हो या राजनीतिक ब्यक्ति हो अथवा सामान्य ब्यक्ति हो कभी किसी के साथ कोई घटना घट सकती है अगर आप सांत्वना मलहम नहीं दे सकते हो तो अपने ब्यंग्य वाक्यों शब्दों से पीडा मत पहुँचाओ ।
सादर
पंडित सुशील कुमार पाठक
सरबराकार
श्री शिरडी साई सेवा ट्रस्ट रजिस्टर्ड बरेली
9759697533,9412049119