शुभकामनाएं

पीलीभीत में अक्सर बड़ी हस्तियों ने जन्म लिया है और उन्होंने राष्ट्र हित और जनहित में बड़े बड़े काम किये हैं.यहाँ जो समाज सेवी हुए हैं उनका कद अक्सर औरों से ऊंचा ही रहा है और उनके कार्यों की सराहना सर्वत्र हुई है जिसके चलते ऐसे लोग जन मानस के दिलों में अमर हो गए हैं.
ऐसे ही एक समाज सेवी पीलीभीत शहर के अमृतलाल हैं जो कि निशक्त जन सेवा संस्थान के अंतर्गत पिछले आठ वर्षों से लगातार बिना किसी सरकारी सहायता के लगातार ही विकलांगों और दिव्यान्गों की सहायता करते आ रहे हैं.ये सहायता धन के रूप में नहीं है बल्कि उनको अनेक प्रकार के आवश्यक और जीवनोपयोगी उपकरणों के रूप में दी जा रही है.
अमृतलाल ने अब तक करीब 50 हजार लोगों को लाभान्वित किया है.आपने इन लोगों को निशुल्क चश्मे,बैसाखी,कैलीपर,ट्राई साईकिल,नकली पैर,कान की सुनने की मशीने,मोतियाबिंद के आपरेशन,दांतों के इलाज,दिल के छेद के आपरेशन,पेस मेकर समेत व फिजियोथेरेपी समेत अनेक सुविधाएँ निशुल्क प्रदान करा रहे हैं.

.आज से पांच साल पहले आपने पोलियो से पीड़ित विकलांगों के आपरेशन के लिए विश्व प्रसिद्द पोलियो रोग विशेषग्य डाक्टर आदि नारायण राव को पीलीभीत जैसी छोटी जगह पर बुला कर सैकड़ों लोगों के आपरेशन कराये थे.उसके बाद इसी क्रम में कटे हाथ और कटे पैर वालों को कृत्रिम हाथ और पैरये.कृत्रिम पैर तो अपनी जगह पूरा काम करता है लेकिन कृत्रिम हाथ सिर्फ शो पीस रहता है
इनके मन में ये पीड़ा थी की ऐसे कृत्रिम हाथ लगाये जाएँ जो की वास्तव में दिव्यांग जनों की पीड़ा हर सकें.आपने इस क्षेत्र में बहुत प्रयास किये लेकिन आपको भारत वर्ष में कहीं भी ऐसी कोई संस्था नहीं मिली जो ऐसे हाथ बनाती हो की कार्य भी करते हों.लेकिन एक दर्द उनके ह्रदय में हमेशा चुभता रहा कि किस प्रकार विकलांगों को ऐसे हाथ दिलाये जाएँ कि वे अपने दैनिक कार्य स्वयं कर सकें.देश में जब ऐसी कोई व्यवस्था नहीं मिल पायी तो आपने विदेशी की संस्थाओं का दरवाजा खटखटाया और फिर २०१८ में आपको ऐसी संस्था मिल ही गयी जो कि विकलांगों को कार्य करने में सक्षम हाथों का निर्माण कर उनको लगा रही है.पिछले दिनों इनका संपर्क अमेरिका के एलन मीडोज प्रोस्थेटिक हैंड्स फाउंडेशन से हुआ जो कि कोहनी के नीचे से कटे हाथ बनाती है जो कि पुरी तरह से कार्य करते हैं.
इस संस्था के मुख्य डॉ श्री शांति लाल गंगवाल का कहना है कि अब तक वे हजारों विकलांगों को ये कृत्रिम हाथ लगा चुके हैं और सारे लाभार्थी अपने रोजमर्रा के कार्यों को अपने आप कर रहे हैं और उनका जीवन दूसरों पर बोझ नहीं हैं.वे अपने जीवन को स्वालंबी तरीके से ख़ुशी ख़ुशी जी रहे हैं और उनमे से बहुत से तो विभिन्न प्रकार के रोजगारों में भी लग गये हैं.ये प्रोस्थेटिक हाथ दिव्यंगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. उस संस्था से मिल कर तथा रोटरी क्लब जयपुर मेजेस्टी के माध्यम से भारत वर्ष में पला शिविर जनपद पीलीभीत में लगाने का निश्चय किया गया.उपरोक्त निश्चय के मुताबिक़ दिनांक नौ जून २०१९ को पीलीभीत में ये शिविर लगाया जाएगा जिसमे पीलीभीत ही नहीं समस्त उत्तरप्रदेश व उत्तराखंड के दिव्यान्गों को लाभान्वित कियता जाएगा.इस शिविर में तीन सौ दिव्यंगों के हाथ लगाने का लक्ष्य रखा गया है,जिनमे से १७२ दिव्यांगों का पंजीकरण हो चुका है.बाकि लोगों का पंजीकरण नौ जून की सुबह तक किया जाएगा और किसी को खाली नहीं लौटाया जाएगा.बाहर से आने वाले दिव्यांग जनों के लिए खाने पीने और रहने की व्यवस्था भी निशुल्क की जायेगी.
जो भी व्यक्ति किसी भी ऐसे व्यक्ति को जानते हों जिसका हाथ कोहनी के नीचे से कटा हुआ हो तो वो निचे दिए गए व्यक्तियों से संपर्क कर सकते हैं.आप सिर्फ दिव्यांग जनों के फोटो और और उनका फ़ोन नंबर भेजकर भी पंजीकरण करा सकते हैं. अनिल कुमार कमल-९४५८०४०५९२,डॉ इब्राहिम कुरैशी-९७२०२२६८६६,डॉ प्रेम सागर शर्मा -९८९७८५५६०७ पर संपर्क कर निशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं.